सोमवार, 7 सितंबर 2026

अनेकार्थी शब्द क्या हैं? परिभाषा, प्रकार और 100+ उदाहरण सूची | Anekarthi Shabd

 अनेकार्थी शब्द (Multiple Meaning Words): पूरी गाइड और 100+ उदाहरण

  • हिंदी भाषा की सबसे रोचक विशेषताओं में से एक है अनेकार्थी शब्द।
  • ये वे शब्द होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं। संदर्भ के अनुसार इन शब्दों का अर्थ बदल जाता है।
  • आइए विस्तार से समझते हैं अनेकार्थी शब्दों के बारे में।

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अनेकार्थी शब्द क्या हैं? (What are Anekarthi Shabd?)

  • अनेकार्थी शब्द ऐसे शब्द होते हैं जिनके:- एक से अधिक अर्थ होते हैं
  • अर्थ संदर्भ पर निर्भर करता है
  • भिन्न-भिन्न स्थितियों में भिन्न अर्थ देते हैं

उदाहरण:

  • कल:⇒ आने वाला दिन या बीता हुआ दिन
  • पत्र:⇒ पत्ता या चिट्ठी
  • अंक:⇒ संख्या या गोद

अनेकार्थी शब्दों का महत्व

  • यह भाषा को लचीला बनाते हैं
  • यह शब्द भंडार बढ़ाते हैं
  • यह साहित्यिक अभिव्यक्ति को समृद्ध करते हैं
  • यह भाषा की क्षमता बढ़ाते हैं

अनेकार्थी शब्दों के प्रकार

  1. संदर्भ आधारित: अर्थ संदर्भ से तय होता है (जैसे - 'हार')
  2. उच्चारण आधारित: उच्चारण बदलने से अर्थ बदलता है (जैसे - 'अमर' vs 'अमृत')
  3. लिंग आधारित: लिंग बदलने से अर्थ बदलता है (जैसे - 'कवि' vs 'कवयित्री')

अनेकार्थी शब्दों की सूची

शब्दअर्थ 1अर्थ 2अर्थ 3
कल आने वाला दिनबीता हुआ दिनमशीन
पत्र पत्ताचिट्ठीपक्षी का पर
अंक संख्यागोदनाटक का भाग
हार मालापराजयपहनने का आभूषण
कर हाथटैक्सक्रिया
बाल बच्चाकेशनन्हा
दल समूहपत्तासेना
उत्तर जवाबएक दिशापीछे (बाद का)
मधु शहदवसंत ऋतुमीठा
नगर शहरपहाड़नग (रत्न)
कनकसोनाधतूरागेहू
अंबरआकाशवस्त्रइत्र
कुल वंशयोगघर
हरिभगवान विष्णुबंदरसिंह (शेर)
काल समयमृत्युयमराज
गुरुशिक्षकबड़ाश्रेष्ठ
जलजकमलशंखमोती
तात पिताभाईमित्र
द्विजपक्षीचन्द्रमाब्राह्मण, दाँत
गुण विशेषतास्वभावभेली
गतिचालदशामोक्ष
मधुशहदबसंत ऋतुशराब
सारंगहिरनमोरबादल
फलपरिणामपेड़ का फललाभ
वरश्रेष्ठवरदानदूल्हा
श्यामा राधायमुना नदीरात
पदपैरविभाग पदकविता की पंक्ति
अजब्रह्माबकरादशरथ के पिता
कनकावलसोनाधतूरापलाश (टेसू)
कामकार्य (काम-काज)वासना (इच्छा)कामदेव
कुंभघड़ाएक राशि (कुंभ राशि)हाथी का मस्तक
कृष्णकालाभगवान वासुदेवअंधकार (कृष्ण पक्ष)
खगपक्षीताराबाण (तीर)
चपलाबिजलीलक्ष्मीचंचल स्त्री
छायापरछाईशरण (आश्रय)कांति (शौभा)
तनुशरीरपतलाकोमल
तारानक्षत्र (तारे)आँख की पुतलीबालि की पत्नी
तीरबाणकिनारा (तट)पास (नज़दीक)
दंडसज़ा (जुर्माना)डंडाव्यायाम का एक प्रकार
दिनेशसूर्यदिन का स्वामीउदित होना
धारप्रवाह (पानी की धार)पैनापन (तलवार की धार)सेना
निशाचरराक्षसचोरउल्लू / गीदड़
परममुख्य (प्रधान)ईश्वरश्रेष्ठ
पवनहवापाँच की संख्यापवित्र करने वाला
पुष्करतालाबकमलआकाश
बालसिर के केशबालक (बच्चा)गेहूँ की बाली
मित्रदोस्तसूर्यवरुण
मुद्रासिक्का (करेंसी)मुहर (स्टैम्प)चेहरे का भाव (Facial Expression)
मूलजड़मुख्य (प्रधान)एक नक्षत्र
रक्तलहू (खून)लाल रंगताँबा
लक्ष्यनिशानाउद्देश्य (Goal)लाख की संख्या
लालएक रंगबेटा (पुत्र)एक कीमती रत्न (माणिक्य)
श्रीलक्ष्मीधन-संपत्तिशोभा (कांति)
सारनिचोड़ (निष्कर्ष)लाभतत्व (तथ्य)
हरप्रत्येकमहादेव (शिव)हरण करने वाला (जैसे- विघ्नहर)
हीनरहित (बिना)कम (घटिया)दीन (असाध्य)

अनेकार्थी शब्दों का सही प्रयोग कैसे करें?

  • संदर्भ समझें :⇒ शब्द का कौन सा अर्थ उपयुक्त है
  • वाक्य में प्रयोग करके देखें:⇒ अर्थ स्पष्ट हो जाएगा
  • उच्चारण पर ध्यान दें:⇒ कुछ शब्दों का उच्चारण बदलने से अर्थ बदल जाता है

निष्कर्ष

  • अनेकार्थी शब्द हिंदी भाषा की समृद्धि को दर्शाते हैं। इन्हें समझने और सीखने से न केवल हमारी भाषा कौशल में वृद्धि होती है, बल्कि हम भाषा के सूक्ष्म अंतरों को भी समझ पाते हैं।
  • नियमित अभ्यास से आप इन शब्दों के विभिन्न अर्थों को आसानी से सीख सकते हैं।

रोचक तथ्य:

  • कुछ शब्दों के 5-6 तक अलग-अलग अर्थ हो सकते हैं! जैसे 'कर' शब्द के कम से कम 6 अर्थ हैं।


Paryayvachi Shabd in Hindi (पर्यायवाची शब्द) | अर्थ, प्रकार, 150+ महत्वपूर्ण शब्द सूची व Short Tricks | UPP, UPSI, UPSSSC

पर्यायवाची शब्द (Paryayvachi Shabd in Hindi): अर्थ, परिभाषा, प्रकार, 150+ महत्वपूर्ण शब्दावली तालिका और PYQs | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका


यदि आप UPP (UP Police Constable/SI/ASI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Junior Assistant/Lekhpal), SSC GD, UPTET, SUPERTET या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का अध्याय 'पर्यायवाची शब्द' (Synonyms in Hindi / समानार्थक शब्द) अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षाओं में पर्यायवाची शब्दों की पहचान, भिन्न अर्थ वाले शब्द और सूक्ष्म अर्थ-भेद से संबंधित 2 से 4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।

यहाँ इस पूरे अध्याय को परीक्षा के दृष्टिकोण से मानक व्याकरणिक नियमों, सुव्यवस्थित संरचना, वर्गीकृत तालिकाओं और SEO फ्रेंडली प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है।

1. पर्यायवाची शब्द क्या हैं? (Definition & Concept)

  • शाब्दिक व्युत्पत्ति: 'पर्यायवाची' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है — पर्याय + वाची

    • पर्याय = विकल्प / समान / दूसरा

    • वाची = बोलने वाला / प्रकट करने वाला

  • परिभाषा: वे शब्द जो समान या एक जैसा अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें पर्यायवाची शब्द या समानार्थक शब्द (Synonyms) कहा जाता है।

  • सूक्ष्म अंतर का नियम: यद्यपि पर्यायवाची शब्दों का अर्थ समान होता है, फिर भी प्रत्येक शब्द का अपना सूक्ष्म अर्थ-भेद और प्रयोग का संदर्भ होता है।

    • उदाहरण: 'जल' और 'पानी' पर्यायवाची हैं, परंतु पूजा-पाठ एवं पवित्र कार्यों में 'जल' शब्द का प्रयोग उपयुक्त माना जाता है, न कि केवल 'पानी'।

2. पर्यायवाची शब्द के भेद (Types of Synonyms)

व्याकरण की दृष्टि से पर्यायवाची शब्दों को तीन भागों में विभाजित किया जाता है:

┌─────────────────────────────────────────────────────────────────────────────┐
│                        पर्यायवाची शब्दों का वर्गीकरण                        │
└──────────────────────────────────────┬──────────────────────────────────────┘
                                       │
   ┌───────────────────────────────────┼───────────────────────────────────┐
   ▼                                   ▼                                   ▼
1. पूर्ण पर्यायवाची                 2. अपूर्ण पर्यायवाची              3. पूर्णापूर्ण पर्यायवाची
 (एक शब्द के स्थान पर दूसरा            (प्रसंग बदलने पर समान अर्थ            (एक प्रसंग में पूर्ण पर्यायवाची
  पूर्णतः प्रयुक्त हो सके)              नहीं दे पाते)                       तथा दूसरे में अपूर्ण)
  उदा: जल ➔ पानी                      उदा: टाँग ➔ पैर                       उदा: कपड़ा ➔ वस्त्र / पट
  1. पूर्ण पर्यायवाची: जब वाक्य में एक शब्द के स्थान पर दूसरा शब्द रखने पर अर्थ में कोई अंतर न आए। (उदा. जल – पानी)

  2. अपूर्ण पर्यायवाची: जब दो शब्द समान अर्थ रखते हुए भी हर स्थिति में एक-दूसरे का स्थान न ले सकें। (उदा. छाती – वक्ष)

  3. पूर्णापूर्ण पर्यायवाची: जो एक स्थिति/प्रसंग में पूर्ण पर्यायवाची हों, किंतु दूसरी स्थिति में अपूर्ण हो जाएँ।

3. पर्यायवाची शब्द याद करने की परीक्षा-उपयोगी Short Tricks

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कुछ मूल शब्दों में प्रत्यय (Suffix) जोड़कर नए पर्यायवाची शब्द आसानी से याद किए जा सकते हैं:

                          ┌─────────────────────────┐
                          │   'जल' के पर्यायवाची    │
                          │ (जल, नीर, वारि, अम्बु) │
                          └────────────┬────────────┘
                                       │
         ┌─────────────────────────────┼─────────────────────────────┐
         ▼                             ▼                             ▼
   + 'ज' (जन्म लेने वाला)        + 'द' (देने वाला)             + 'धि' (धारण करने वाला)
         │                             │                             │
         ▼                             ▼                             ▼
   कमल (Lotus)                   मेघ (Cloud)                   समुद्र (Ocean)
  ├── जलज                       ├── जलद                       ├── जलधि
  ├── नीरज                       ├── नीरद                       ├── नीरधि
  ├── वारिज                      ├── वारिद                      ├── वारिधि
  └── अम्बुज                     └── अम्बुद                     └── अम्बुधि

4. परीक्षाओं के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द (150+ Classified List)

(A) देवी-देवता एवं पौराणिक पात्र

मूल शब्दप्रमुख पर्यायवाची शब्द
गणेशलंबोदर, एकदंत, गजानन, विनायक, वक्रतुंड, हेरंब, भवानीनंदन, विघ्नविनाशक
शिवमहादेव, नीलकंठ, महेश, गंगाधर, पशुपति, व्योमकेश, चंद्रमौली, रुद्र, त्रिलोचन
विष्णुजनार्दन, चक्रपाणि, मुकुंद, गरुड़ध्वज, लक्ष्मीपति, कमलाकांत, विश्वंभर, नारायण
कृष्णवासुदेव, गिरधर, मुरलीधर, श्याम, कंसारि, माधव, गोपीनाथ, यदुराधा
इंद्रदेवराज, शक्र, सुरपति, मघवा, पुरंदर, सहस्राक्ष, वज्रधर, अमरपति
सरस्वतीशारदा, वीणावादिनी, भारती, गिरा, ब्राह्मी, वाग्देवी, हंसवाहिनी
लक्ष्मीकमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, भार्गवी, सिंधुसुता
दुर्गाचंडिका, सिंहवाहिनी, कालिका, भवानी, कल्याणी, महागौरी
कामदेवमदन, मनोभव, पंचशर, मार, अनंग, मन्मथ, रतिपति, पुष्पधन्वा
कुबेरयक्षराज, धनद, धनेश्वर, किन्नरेश, राजराज

(B) प्रकृति एवं भूगोल

मूल शब्दप्रमुख पर्यायवाची शब्द
सूर्यरवि, दिनकर, दिवाकर, भानु, भास्कर, आदित्य, मार्तंड, अर्क, सविता
चंद्रमाशशांक, सुधांशु, राकापति, मयंक, हिमकर, इंदु, सोम, विधु, निशाकर
आकाशगगन, नभ, अंबर, व्योम, अनंत, अंतरिक्ष, शून्य, द्यौ
पृथ्वीभू, भूमि, धरा, वसुंधरा, वसुधा, अवनी, मेदिनी, रत्नगर्भा, इला
जलनीर, वारि, तोय, अम्बु, सलिल, पानी, पय, जीवन
अग्निपावक, अनल, दहन, कृशानु, वैश्वानर, हुताशन, शिखी
वायुपवन, समीर, मारुत, अनिल, वात, प्रभंजन, हवा
समुद्रजलधि, नीरधि, वारिधि, पयोधि, रत्नाकर, अर्णव, सिन्धु
नदीसरिता, तडिनी, तरंगिणी, आपगा, निम्नगा, कूलंकषा
पर्वतगिरी, पहाड़, शैल, अद्रि, भूधर, नग, महिधर
मेघघन, जलद, नीरद, वारिद, पयोधर, मुदिर, बलाहक

(C) जीव-जंतु एवं वनस्पति

मूल शब्दप्रमुख पर्यायवाची शब्द
कमलजलज, नीरज, सरोज, पंकज, अरविंद, राजीव, शतदल, पुंडरीक, इंदीवर
सिंहकेसरी, शार्दूल, मृगेंद्र, वनराज, व्याघ्र, हरि, पंचानन
हाथीगज, द्विप, मतंग, हस्ती, कुंभी, दंती, करी, नाग
घोड़ाहय, तुरंग, वाजी, घोटक, सैंधव, अश्व
सर्पभुजंग, व्याल, अहि, नाग, विषधर, उरग, पन्नग
पक्षीखग, विहग, द्विज, शकुनि, पतंग, पखेरू
वृक्षतरु, द्रुम, पादप, विटप, रुख, गाछ
भ्रामर (भौंरा)मधुप, अलि, द्विरेप, षट्पद, भृंग, चंचरीक

(D) अन्य महत्वपूर्ण शब्द

मूल शब्दप्रमुख पर्यायवाची शब्द
अमृतसुधा, पियूष, सोम, अमिय, सुरभोग
अंधकारतिमिर, तम, ध्वान्त, अंधियारा
अतिथिपाहुन, अभ्यागत, आगंतुक, मेहमान
राजानृप, भूपति, नरेश, महिपाल, सम्राट
शत्रुरिपु, अरि, वैरी, विपक्षी, अराति
बाणशर, तीर, विशिख, सिलीमुख, नाराच
इच्छाआकांक्षा, अभिलाषा, कामना, लालसा, मनोरथ

5. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year Solved MCQs)

Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द 'समुद्र' का पर्यायवाची नहीं है? (UP Police Constable)

  • (A) जलधि

  • (B) जलद

  • (C) वारिधि

  • (D) पयोधि

    उत्तर: (B) जलद (जलद 'मेघ' का पर्यायवाची है, क्योंकि अंत में 'द' जुड़ा है)

Q2. 'इंदीवर' और 'पुंडरीक' शब्द किसके पर्यायवाची हैं? (UPSSSC PET / VDO)

  • (A) कमल

  • (B) गुलाब

  • (C) सूर्य

  • (D) चंद्रमा

    उत्तर: (A) कमल

Q3. 'मार' शब्द किसका पर्यायवाची है? (UPSI)

  • (A) जादू का

  • (B) स्वर्ण का

  • (C) अधम का

  • (D) कामदेव का

    उत्तर: (D) कामदेव का

प्रतियोगी परीक्षाओ के प्रश्न और उत्तर

'अभ्यागत' का पर्याय नहीं है:

UPSSSC Junior Assistant 29 June 2025

(A) पहुन

(B) मेहमान

(C) आतिथ्य

(D) आगंतुक

(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Ans (C) आतिथ्य

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द : परिभाषा, 200+ उदाहरण और प्रतियोगी परीक्षा प्रश्नोत्तरी

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द: हिंदी व्याकरण की शक्ति

  • हिंदी व्याकरण में "अनेक शब्दों के लिए एक शब्द" (One Word Substitution) भाषा को संक्षिप्त, सटीक और प्रभावशाली बनाने का महत्वपूर्ण तत्व है।
  • यह प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी, बीपीएससी, एसएससी, रेलवे, शिक्षक भर्ती में अक्सर पूछा जाता है।
  • यह लेख 200+ उदाहरणों और पिछले वर्षों के प्रश्नों के साथ आपकी तैयारी को पूर्णता प्रदान करेगा।

क्या हैं "अनेक शब्दों के लिए एक शब्द"?

परिभाषा:
  • किसी वाक्यांश, विचार या अभिव्यक्ति को एक ही शब्द में प्रस्तुत करना।
महत्व:
  • भाषा की सक्षमता बढ़ाना।
  • समय बचाना और संप्रेषण स्पष्ट करना।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में 2-5 अंकों का सीधा प्रश्न।

दिशा से संबंधित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

वाक्यांशएक शब्द
पूरब और उत्तर के बीच की दिशाईशान
पूरब और दक्षिण के बीच की दिशाआग्नेय
पश्चिम और उत्तर के बीच की दिशावायव्य
पश्चिम और दक्षिण के बीच की दिशानैऋत्य
उत्तर की दिशाउदीची
दक्षिण की दिशाअवाची

अग्नि से संबंधित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

वाक्यांशएक शब्द
समुद्र में लगने वाली आगबड़वानल
पेट में लगने वाली आगजठरअग्नि
जंगल में लगने वाली आगदावानल
जो अग्नि को बुझाता होअग्निशामक
अग्नि का छोटा रूपअग्निकण
अग्नि से उत्पन्नअग्निज
जो अग्नि में जलता होअग्निदग्ध

इच्छा से संबंधित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

वाक्यांशशब्द
मरने की इच्छा रखने वालामुमुर्षु
जीने की इच्छा रखने वालाजिजीविषु
भोजन करने इच्छा रखने वालाबुभुक्षु
युद्ध की इच्छा रखने वालायुयुत्सु
तैरने की इच्छा रखने वालातितीर्षु
मोक्ष की इच्छा रखने वालामुमुक्षु
जानने की इच्छा रखने वालाजिज्ञासु
विजय पाने की इच्छा रखने वालाजिगीषु
ईर्ष्या की इच्छा रखने वालाईर्ष्यालु
सोने की इच्छा रखने वालासुषुप्सा
हित चाहने की इच्छाहितैषिता
जिसकी इच्छा बहुत ऊँची होमहत्वकांक्षी

 स्त्री से संबंधित अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

वाक्यांशशब्द
वीर पुत्र को जन्म देने वाली स्त्रीवीरप्रसु
जिस स्त्री का पति प्रदेश गया होप्रेषितपतिका
विरह में दु:खी स्त्रीविरहविदग्धा
जिस स्त्री का पति जीवित होसधवा
जिस स्त्री का पति जीवित न होविधवा
जिस स्त्री का पति विदेश से लौटा होआगत पतिका
जिस स्त्री को सूर्य का प्रकाश स्पर्श न किया होअसूर्यपश्या
जिस स्त्री का पति दूसरा विवाह कर लेअध्यूढ़ा
जिस लड़की का विवाह अभी-अभी हुआ है नवोढ़ा
पति के द्वारा छोड़ी गयी स्त्रीपरित्यक्ता
जिस स्त्री में पति और पुत्र होपुरन्द्री
वह स्त्री जो पर पुरुष से प्रेम करती हैपरकीया
हाथी की तरह चलने वाली स्त्रीगजगामिनी
हंस के समान चलने वाली स्त्रीहंसगामिनी
मीन के समान सुन्दर आँखों वाली स्त्रीमीनाक्षी
मृग के समान आँखों वाली स्त्रीमृगनयनी
वह लड़की जिसका विवाह होने वाला हैवैवाहिकी
वह लड़की जिसका विवाह हो गया हैविवाहिता
वह स्त्री जिसे संतान न होता हैबन्ध्या
जन्म देने वाली स्त्रीप्रसूति
प्रिय वचन बोलने वाली स्त्रीप्रियवंदा
वह स्त्री जो प्राणों से अधिक प्रिय होप्राणप्रिय
वह स्त्री जो कविता लिखती हैकवयित्री
बारह से सोलह वर्ष के बीच की लड़की हैकिशोरी
एक से दस वर्ष के बीच की लड़की हैकन्या
पुरुष की गोद में सोने वाली स्त्रीअंक शायनी
किसी पुरुष से प्रेमरत अविवाहित स्त्रीअनूढ़ा
अपनी पसंद का पति चुनने वाली स्त्रीपतिम्वरा
पर्दे के भीतर रहने वाली स्त्रीपर्दानशीन
पति के मृत्यु पर जिन्दा जलने वाली स्त्रीसती
वह स्त्री जो अभी-अभी जन्म दी हैसद्य प्रसूता
वह स्त्री जो अभी-अभी स्नान की हैसद्य स्नाता
अपने पति की ही अनुरागिनी पत्नीस्वकीया
बुरे आचरण वाली स्त्रीस्वैरिणी

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

  • जो दिखाई न दे अदृश्य
  • जिसका जन्म न हो अजन्मा
  • जिसका कोई शत्रु न हो अजातशत्रु
  • जो बूढ़ा न हो अजर
  • जो कभी न मरे अमर
  • जो पढ़ा -लिखा न हो अपढ़ /अनपढ़
  • जिसके कोई संतान न हो निसंतान
  • जो उदार न हो अनुदार
  • जिसमे धैर्य न हो अधीर
  • जिसमे सहन शक्ति हो सहिष्णु
  • जिसके समान दूसरा न हो अनुपम
  • जिस पर विश्वास न किया जा सके अविश्वनीय
  • जिसकी थाह न हो अथाह
  • दूर की सोचने वाला दूरदर्शी
  • जो दूसरों पर अत्याचार करें अत्याचारी
  • जिसके पास कुछ भी न हो अकिंचन
  • दुसरे देश से अपने देश में समान आना आयात
  • अपने देश से दुसरे देश में समान जाना निर्यात
  • जो कभी नष्ट न हो अनश्वर
  • जिसे कोई जीत न सके अजेय
  • अपनी हत्या स्वयं करना आत्महत्या
  • जिसे दंड का भय न हो उदंड
  • जिस भूमि पर कुछ न उग सके ऊसर
  • जनता में प्रचलित सुनी -सुनाई बात किंवदंती
  • जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो कुलीन
  • जिसकी सब जगह बदनामी कुख्यात
  • जो क्षमा के योग्य हो क्षम्य
  • शीघ्र नष्ट होने वाला क्षणभंगुर
  • कुछ दिनों तक बने रहना वाला टिकाऊ
  • जिसमे रस हो   सरस
  • जिसमे रस न हो   नीरस
  • भलाई चाहने वाला   हितैषी
  • दूसरों की बातों में दखल देना   हस्तक्षेप
  • दिल से होने वाला हार्दिक
  • जिसमे दया न हो   निर्दय
  • जो सब जगह व्याप्त हो ⇒ सर्वव्यापक
  • जानने की इच्छा रखने वाला ⇒ जिज्ञासु

 

  • साहित्य से सम्बन्ध रखने वाला ⇒ साहित्यिक
  • मांस खाने वाला ⇒ मांसाहारी
  • जिसके आने की तिथि न हो ⇒ अतिथि
  • जिसके ह्रदय में दया हो ⇒ दयावान
  • जो चित्र बनाता हो ⇒ चित्रकार
  • विद्या की चाह रखने वाला ⇒ विद्यार्थी
  • हमेशा सत्य बोलने वाला ⇒ सत्यवादी
  • जो देखने योग्य हो ⇒ दर्शनीय

 

  • जो धन का दुरुपयोग करता है ⇒ अपव्ययी
  • जहाँ पहुँचा न जा सके ⇒ अगम्य
  • जिसे जीता न जा सके ⇒ अजेय
  • जिसका अंत न हो ⇒ अनन्त
  • जिसका जन्म न हो सके ⇒ अजन्मा
  • अवसर के अनुसार बदल जाने वाला ⇒ अवसरवादी
  • जो कानून के विरुद्ध हो ⇒ अवैध
  • दूसरे के पीछे चलने वाला ⇒ अनुचर
  • जिसका कोई स्वामी न हो ⇒ अनाथ
  • जिसे क्षमा न किया जा सके ⇒ अक्षम्य
  • जिसका इलाज न हो सके ⇒ असाध्य
  • जिसका विश्वास न किया जा सके ⇒ अविश्वसनीय
  • जिस पर अभियोग लगाया गया हो ⇒ अभियुक्त
  • जिसमे शक्ति न हो ⇒ अशक्त
  • जो पहले न पढ़ा हो ⇒ अपठित
  • जिसकी कोई उपमा न हो ⇒ अनुपम
  • कम जानने वाला ⇒ अल्पज्ञ
  • जो कुछ न करता हो ⇒ अकर्मण्य
  • जो दिखाई न दे ⇒ अदृश्य
  • जिसका मूल्य न आँका जा सके ⇒ अमूल्य
  • जो नष्ट न होने वाला हो ⇒ अविनाशी
  • जो आँखों के सामने न हो ⇒ अप्रत्यक्ष
  • जिसका पार न पाया जाए ⇒ अपार
  • जो परिचित न हो ⇒ अपरिचित
  • जहाँ जाना संभव न हो ⇒ अगम
  • चार मुखों वाला ⇒ चतुरानन
  • दूसरों के दोष को खोजने वाला ⇒ छिद्रान्वेसी
  • छात्रों के रहने का स्थान ⇒ छात्रवास
  • जल में रहने वाला ⇒ जलचर
  • जो जन्म से अँधा हो ⇒ जन्मांध
  • जीने की इच्छा ⇒ जिजीविषा
  • वह पहाड़ जिससे आग निकलती हो ⇒ ज्वालामुखी
  • जो किसी का पक्ष न ले ⇒ तटस्थ
  • जिसकी तीन भुजाएँ हो ⇒ त्रिभुज
  • तीनों लोकों का स्वामी ⇒ त्रिलोकी
  • जो पुत्र गोद लिया हो ⇒ दत्तक
  • बुरे आचरण वाला ⇒ दुराचारी
  • जो दो भाषाएँ जानता हो ⇒ दुभाषिया
  • जिसकी आयु बड़ी लम्बी हो ⇒ दीर्घायु
  • बुरे चरित्र वाला ⇒ दुश्चरित्र
  • जिसमे दया हो ⇒ दयालु
  • दर्द से भरा हुआ ⇒ दर्दनाक
  • जो धर्म का काम करे ⇒ धर्मात्मा
  • जिसका कोई अर्थ न हो ⇒ निरर्थक
  • जिसके मन में कोई कपट न हो ⇒ निष्कपट
  • जो अभी-अभी पैदा हुआ हो ⇒ नवजात

 

  • जो चक्र धारण करता हो चक्रधर
  • जिसके हाथ में चक्र हो चक्रपाणी
  • जिसने इन्द्रियों को जीत लिया हो जितेन्द्रिया
  • जिसने इन्द्र को जीत लिया हो इन्द्रजीत 
  • मार्ग में खाने-पीने वाले खाद्य सामग्री पाथेन
  • जो अभि अभि उत्पन्न हुआ हो  ⇒ प्रत्युत्पन्न 
  • नीले रंग का कमलइन्दीवर
  • दुसरो में दोष खोजने वाला छिद्रान्वेषी

 

  • जिसका कोई शत्रु पैदा ना हुआ हो अजातशत्रु
  • जिसका कोई शत्रु ना हो नि:शत्रु
  • प्रतिदिन होने वाला ⇒ प्रतिदिन
  • सप्ताह में एक बार होने वाला ⇒ साप्ताहिक
  • माह में एक बार होने वाला ⇒ मासिक
  • वर्ष  में एक बार होने वाला ⇒ वार्षिक
  • पति-पत्नी का जोड़ा दम्पति

 

  • जो कम बोलता हो मितभाषी
  • जो अधिक बोलता हो वाचाल
  • जिसे कहा न जा सके अकथनीय
  • जिसे कहा जा सके कथनीय
  • जिसे स्मरण किया जा सके स्मरणीय

 

  • जो चक्र धारण करता हो चक्रधर
  • जिसके हाथ में चक्र हो चक्रपाणी
  • जनता द्वारा चलाया जाने वाला राज ⇒ जनतंत्र/लोकतन्त्र
  • राजा द्वारा चलाया जाने वाला राज ⇒ राज तंत्र
  • वह राष्ट्र जिसका प्रमुख निर्वाचित हो  ⇒ गणतंत्र

 

  • जो कठिनाई से प्राप्त हो ⇒ दुर्लभ
  • जहाँ पहुँचना कठिन हो ⇒ दुर्गम

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

जंगल में लगने वाली आग को क्या कहा जाता है ?

  • दावानल √
  • बड़वानल
  • जठर अग्नि
  • वनाग्नि

प्रश्न  "जहाँ पशुओं को रखा जाता है" के लिए उचित शब्द चुनें:  

(a) अस्तबल

(b) पशुशाला

(c) चिड़ियाघर

  उत्तर:  (b)  पशुशाला  

निष्कर्ष

  • "अनेक शब्दों के लिए एक शब्द" हिंदी व्याकरण का वह हथियार है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में आपकी अंक-तालिका चमका सकता है।
  • नियमित अभ्यास के लिए: "प्रतिदिन 10 नए शब्द याद करें – 6 महीने में 1500+ शब्दों पर मास्टरी!"

Lokoktiyan in Hindi (लोकोक्तियाँ / कहावतें) | अर्थ, वाक्य प्रयोग, मुहावरे से अंतर व List | UPP, UPSI, UPSSSC

लोकोक्तियाँ (Lokoktiyan / Proverbs in Hindi): अर्थ, परिभाषा, वाक्य प्रयोग, मुहावरे एवं लोकोक्ति में अंतर और PYQs | प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका


यदि आप UPP (UP Police Constable/SI/ASI), UPSI, UPSSSC (PET/VDO/Junior Assistant/Lekhpal), SSC GD, UPTET, SUPERTET या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो हिंदी व्याकरण का अध्याय 'लोकोक्तियाँ या कहावतें' (Proverbs in Hindi) अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षाओं में लोकोक्तियों के सटीक अर्थ, वाक्य प्रयोग, मुहावरे से अंतर और समानार्थक कहावतों से संबंधित 2 से 3 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।

यहाँ इस पूरे अध्याय को परीक्षा के दृष्टिकोण से मानक व्याकरणिक नियमों, सुव्यवस्थित संरचना, वर्गीकृत तालिकाओं और SEO फ्रेंडली प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है।

1. लोकोक्ति क्या है? (Definition & Etymology)

  • शाब्दिक व्युत्पत्ति: 'लोकोक्ति' शब्द दो शब्दों के योग से बना है — लोक + उक्ति

    • लोक = समाज / जन-सामान्य

    • उक्ति = कथन या कही गई बात

    • अर्थ: जन-सामान्य में परंपरागत रूप से प्रचलित कथन।

  • परिभाषा: लोक-जीवन के दीर्घकालिक अनुभवों और जन-साधारण के कथन पर आधारित वह स्वतंत्र वाक्य जो किसी स्थिति, घटना या सत्य को स्पष्ट करने के लिए दृष्टान्त या उदाहरण के रूप में प्रयुक्त होता है, उसे लोकोक्ति या कहावत कहते हैं।

  • मुख्य विशेषताएँ:

    1. लोकोक्ति अपने आप में एक पूर्ण वाक्य (Complete Sentence) होती है।

    2. इसका स्वतंत्र रूप से प्रयोग किया जा सकता है।

    3. वाक्य में प्रयोग होने पर इसके लिंग, वचन या क्रिया का रूप नहीं बदलता (अपरिवर्तित रहता है)।

    4. इसके पीछे कोई न कोई पौराणिक, ऐतिहासिक या लोक कथा जुड़ी होती है।

2. लोकोक्ति और मुहावरे में अंतर (Difference Table)

प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर लोकोक्ति और मुहावरे के बीच तुलनात्मक अंतर पूछा जाता है:

अंतर का आधारलोकोक्ति / कहावत (Proverb)मुहावरा (Idiom)
प्रकृतियह एक पूर्ण वाक्य होती है।यह केवल एक वाक्यांश (Sentence Fragment) होता है।
प्रयोगइसका स्वतंत्र प्रयोग हो सकता है।इसका स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता; यह वाक्य का अंग बनता है।
रूप परिवर्तनलिंग, वचन या काल के अनुसार नहीं बदलतीवाक्य के लिंग, वचन व काल के अनुसार बदल जाता है
क्रिया पद (ना)अंत में 'ना' होना अनिवार्य नहीं है।अंत में प्रायः क्रियापद 'ना' आता है (जैसे: भागना)।
उदाहरणअधजल गगरी छलकत जायनौ दो ग्यारह होना

3. लोकोक्ति पहचान की Short Trick

Master Trick:

  • यदि कोई कथन स्वतंत्र रूप से बोला जा सके और पूरा अर्थ दे $\rightarrow$ लोकोक्ति (उदा. "अधजल गगरी छलकत जाय")

  • यदि कथन अधूरा लगे और वाक्य में जोड़े बिना अर्थ न दे $\rightarrow$ मुहावरा (उदा. "छाती पर मूँग दलना")

4. परीक्षाओं के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ (100+ Classified List)

क्र.सं.लोकोक्ति / कहावतअर्थवाक्य प्रयोग
1अधजल गगरी छलकत जायकम ज्ञान/गुण वाला व्यक्ति अधिक दिखावा करता है।थोड़ा-सा धन क्या आ गया, वह तो इठलाने लगा; सच है — अधजल गगरी छलकत जाय
2अपनी करनी पार उतरनीमनुष्य को अपने कर्मों का ही फल मिलता है।परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर दूसरों को दोष मत दो, क्योंकि अपनी करनी पार उतरनी
3आम के आम गुठलियों के दामदोहरा लाभ होना।पुरानी कार अच्छे दामों में बिकी और नई भी सस्ती मिल गई, इसे कहते हैं — आम के आम गुठलियों के दाम
4उल्टा चोर कोतवाल को डाँटेअपना अपराध स्वीकार न करके उल्टा पूछने वाले को दोष देना।गलती तुमने की और आँखें मुझे दिखा रहे हो! यह तो वही बात हुई — उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे
5एक पंथ दो काजएक ही उपाय से दो कार्य सिद्ध होना।दिल्ली जाकर परीक्षा भी दे दी और रिश्तेदार से भी मिल आया; इसे कहते हैं — एक पंथ दो काज
6ऊँट के मुँह में जीराआवश्यकता से बहुत कम वस्तु का मिलना।दो रोटियाँ पहलवान की भूख मिटाने के लिए ऊँट के मुँह में जीरा के समान हैं।
7कंगाली में आटा गीलामुसीबत पर और मुसीबत आना।नौकरी छूट ही गई थी कि बीमारी का खर्च भी आ गया, यानी कंगाली में आटा गीला
8कहीं का ईंट कहीं का रोड़ा, भानुमति ने कुनबा जोड़ाअनमेल वस्तुओं या बेमेल चीजों को एक जगह एकत्र करना।बिना किसी योजना के बनाई गई यह समिति केवल भानुमति का कुनबा है।
9काला अक्षर भैंस बराबरबिलकुल अनपढ़ होना।उसके सामने पुस्तक रखना व्यर्थ है, उसके लिए तो काला अक्षर भैंस बराबर है।
10खिसियानी बिल्ली खंभा नोचेअपनी असफलता या शर्म छिपाने के लिए व्यर्थ गुस्सा करना।प्रतियोगिता में हारने के बाद वह निर्णायकों को दोष देने लगा, मानो खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे
11गरजने वाले बादल बरसते नहींकेवल डींग हाँकने वाले वास्तव में काम नहीं करते।वह केवल बातें बनाता है, करेगा कुछ नहीं; क्योंकि गरजने वाले बादल बरसते नहीं
12घर का भेदी लंका ढाएआपसी फूट/घर का भेद जानने वाला सर्वनाश का कारण बनता है।विभीषण की तरह घर का भेदी लंका ढाए वाली कहावत यहाँ चरितार्थ होती है।
13चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाएअत्यधिक कंजूस होना।वह बीमार होने पर भी दवाई नहीं खरीदता, उसके लिए तो चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए
14चिराग तले अँधेराअपनी बुराई या दोष स्वयं न दिखना / निकटस्थ व्यक्ति का लाभ से वंचित रहना।शिक्षक का अपना बेटा ही पढ़ाई में कमजोर है, इसे कहते हैं — चिराग तले अँधेरा
15चोर की दाढ़ी में तिनकाअपराधी सदैव सशंकित / आशंकित रहता है।पुलिस को देखते ही वह घबरा गया, सच ही कहा है — चोर की दाढ़ी में तिनका
16जल में रहकर मगर से बैरआश्रयदाता या शक्तिशाली व्यक्ति से शत्रुता करना।अपने अधिकारी से झगड़ा मत करो, जल में रहकर मगर से बैर ठीक नहीं।
17जिसकी लाठी उसकी भैंसबलवान / शक्ति संपन्न व्यक्ति की ही विजय होती है।दबंगों ने गरीब की जमीन हड़प ली, सच है — जिसकी लाठी उसकी भैंस
18दूर के ढोल सुहावने लगते हैंदूर से देखने पर वस्तुएँ/स्थितियाँ आकर्षक लगती हैं।विदेश में रहने की बातें अच्छी लगती हैं, परंतु दूर के ढोल सुहावने ही होते हैं
19नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अयोग्यता छिपाने के लिए दूसरों या साधनों को दोष देना।काम करना आता नहीं और औजारों को खराब बता रहा है — नाच न जाने आँगन टेढ़ा
20हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फारसी क्याप्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।अपनी क्षमता साबित करने के लिए काम करके दिखाओ, हाथ कंगन को आरसी क्या

5. विषयवार वर्गीकृत लोकोक्तियाँ (Categorized Proverbs)

(A) ज्ञान व गुण से संबंधित

  • अधजल गगरी छलकत जाय: कम ज्ञान वाला अधिक प्रदर्शन करता है।

  • नीम हकीम खतरे जान: अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है।

(B) कर्म व भाग्य से संबंधित

  • बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय: जैसा कर्म करोगे वैसा ही फल मिलेगा।

  • जैसा नागनाथ वैसे सांपनाथ: दो समान रूप से बुरे व्यक्ति।

6. विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (Previous Year Solved MCQs)

Q1. 'काठ की हाँडी बार-बार नहीं चढ़ती' लोकोक्ति का सही अर्थ है: (UP Police Constable)

  • (A) बुरे दिन हमेशा नहीं रहते

  • (B) छल-कपट का व्यवहार हमेशा नहीं चलता

  • (C) लकड़ी का बर्तन अग्नि से जल जाता है

  • (D) दुर्भाग्य की मार बार-बार नहीं होती

    उत्तर: (B) छल-कपट का व्यवहार हमेशा नहीं चलता

Q2. 'अधजल गगरी छलकत जाय' क्या है? (UPSSSC VDO / PET)

  • (A) पदबंध

  • (B) मुहावरा

  • (C) लोकोक्ति

  • (D) शब्द-युग्म

    उत्तर: (C) लोकोक्ति (यह एक पूर्ण वाक्य है)

Q3. 'अपनी करनी पार उतरनी' का अर्थ है: (UPSI)

  • (A) दूसरे के कर्म का फल भुगतना

  • (B) अपने कर्म का फल स्वयं भोगना पड़ता है

  • (C) दान करने से सफलता मिलती है

  • (D) चालाकी से काम निकालना

    उत्तर: (B) अपने कर्म का फल स्वयं भोगना पड़ता है

7. अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice Quiz for Exams)

  1. 'आम के आम गुठलियों के दाम' लोकोक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

  2. लोकोक्ति और मुहावरे में एक प्रमुख व्याकरणिक अंतर बताइए।

  3. 'नाच न जाने आँगन टेढ़ा' कहावत का प्रयोग किस परिस्थिति में किया जाता है?

उत्तर कुंजी (Self Check):

  1. दोहरा लाभ होना

  2. लोकोक्ति एक पूर्ण वाक्य होती है, जबकि मुहावरा एक वाक्यांश होता है।

  3. जब कोई व्यक्ति अपनी कमी या अयोग्यता छिपाने के लिए साधनों/दूसरों को दोष देता है।




क्र. सं.
लोकोक्तिअर्थ
1अरहर की टट्टी गुजराती तालाछोटी वस्तु की सुरक्षा में अधिक खर्च करना
2आसमान से गिरा खजूर पर अटकाएक समस्या से निकलकर दूसरी में फँसना
3अंधेर नगरी चौपट राजासब के सब मूर्ख (जैसा राजा वैसी ही प्रजा)
4ऊँची दुकान फीका पकवाननाम बहुत बड़ा, पर काम बहुत छोटा
5का बरखा जब कृषि सुखानेउचित समय बीत जाने पर सहायता मिलने का कोई लाभ न होना
6जैसा देश वैसा भेषपरिस्थिति के अनुसार ढल जाना
7दाल-भात में मूसलचंदअनावश्यक हस्तक्षेप करना
8न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगीन बड़ी व्यवस्था हो पाएगी और न ही कार्य होगा
9नौ दिन चले अढ़ाई कोसबहुत धीमी गति से कार्य करना
10नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी कमी को छिपाने के लिए दूसरों पर दोष लगाना
11मान न मान, मैं तेरा मेहमानजबरदस्ती किसी के गले पड़ना
12छछूँदर के सिर पर चमेली का तेलअयोग्य व्यक्ति को उच्च पद या वस्तु प्राप्त हो जाना
13दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँककर पीता हैएक बार नुकसान हो जाने पर व्यक्ति बहुत सोच-विचारकर कदम उठाता है
14दुधारू गाय की लात भी सहनी पड़ती हैजिससे बहुत लाभ होता हो, उसकी कुछ कमियों को नजरअंदाज करना
15दूध का दूध, पानी का पानीनिष्पक्ष और सच्चा न्याय करना
16देसी कौवा विलायती बोलबेमेल या अनहोना कार्य करना
17नेकी कर दरिया/नदी में डालभलाई करके भूल जाना चाहिए
18कछुआ की चाल चलनाअत्यधिक धीमी गति से कार्य करना
19नौ की लकड़ी नब्बे का खर्चकाम से अधिक उसकी सुरक्षा या रखरखाव पर खर्च होना
20नौ नगद न तेरह उधारनकद व्यवहार उधार के सौदे से बेहतर होता है
21पूत के पाँव पालने में ही नज़र आते हैंगुणवान व्यक्ति के लक्षण बचपन में ही दिखाई दे जाते हैं
22पत्थर को जोंक नहीं लगतीहठी या निर्दयी व्यक्ति पर किसी बात का प्रभाव नहीं पड़ता
23पढ़े फ़ारसी बेचे तेल, यह देखो कुदरत का खेलयोग्यता होने के बावजूद भाग्य साथ न देना या छोटा काम करना
24पर उपदेश कुशल बहुतेरेदूसरों को सीख देना आसान है, परंतु स्वयं अपनाना कठिन
25पल में तोला, पल में माशास्वभाव का बहुत जल्दी-जल्दी बदलना
26फिसल गए तो हर-हर गंगेअसावधानी से हुई गलती को भी अवसर में बदल लेना
27मुख में राम, बगल में छुरीदिखावटी मित्रता रखना और मौका मिलते ही नुकसान पहुँचाना
28बंदर क्या जाने अदरक का स्वादअज्ञानी व्यक्ति किसी वस्तु की असली विशेषता नहीं पहचान सकता
29बालू की भीतिअत्यधिक अस्थिर या क्षणभंगुर वस्तु
30बासी बचे न कुत्ता खाएजरूरत के अनुसार ही बहुत सीमित खर्च या प्रबंधन करना
31मुल्ला की दौड़ मस्जिद तकसीमित पहुँच या सीमित क्षेत्र तक ही कार्य कर पाना
32न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरीसमस्या के मूल कारण को ही समाप्त कर देना
33यथा नाम तथा गुणजैसा नाम हो, वैसा ही गुण या व्यवहार होना
34राम-राम जपना, पराया माल अपनाऊपर से धार्मिक या साधु बनना और मन में कपट रखना
35राम मिलाई जोड़ी, एक काना एक कोढ़ीदो एक जैसे अयोग्य या विचित्र लोगों का मेल होना
36लकीर का फ़कीर होनापुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों पर ही चलते रहना
37साँप भी मर जाए और लाठी भी न टूटेकाम भी पूरा हो जाए और कोई नुकसान भी न हो
38आँख का अंधा नाम नयनसुखगुणों के बिलकुल विपरीत नाम होना
39लड़कों में लड़का, बूढ़ों में बूढ़ाहर परिस्थिति और उम्र के लोगों में आसानी से घुल-मिल जाना
40ढाक के तीन पातस्थिति में कोई बदलाव न आना, ज्यों का त्यों बने रहना
41साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पापसत्य से बढ़कर कोई तपस्या नहीं और झूठ से बड़ा कोई पाप नहीं
42न सावन सूखा, न भादों हराहमेशा एक समान स्थिति में बने रहना
43हींग लगे न फिटकिरी, रंग चोखा ही आएबिना किसी खास खर्च के बेहतरीन परिणाम प्राप्त होना
44पेड़ से गिरा खजूर पर अटकाएक बड़ी मुसीबत से निकलकर दूसरी में फँस जाना
45सीधी अँगुली से घी नहीं निकलताअत्यधिक विनम्रता से कठिन कार्य पूरे नहीं होते
46रात पड़े उपासी, दिन में खोजे बासीअत्यधिक निर्धनता या कंगाली की स्थिति होना
47बिन माँगे मोती मिले, माँगे मिले न भीखभाग्य में हो तो बिना माँगे मिलता है, न हो तो माँगने पर भी नहीं मिलता
48भागते भूत की लँगोट ही सहीजहाँ सब कुछ डूब रहा हो, वहाँ जो थोड़ा-बहुत मिल जाए वही सही

प्रतियोगी परीक्षाओ के प्रश्न और उत्तर

20. 'कौओं के कोसे ढोर नहीं मरते।' लोकोक्ति का अर्थ है :

UPSSSC Junior Assistant 29 June 2025

(A) बुरे की बुराई से अच्छे को हानि न होना

(B) बुरा सदैव बुरा ही रहता है अच्छा नहीं होता

(C) काले लोगों के कारनामे से सफेद को हानि न होना

(D) पक्षियों से ढोर का नहीं मरना

(E) उपर्युक्त में से कोई नहीं

Ans (A) बुरे की बुराई से अच्छे को हानि न होना

निष्कर्ष (Conclusion)

लोकोक्तियाँ जन-सामान्य के अनुभवों का निचोड़ हैं जो हिंदी भाषा को अधिक प्रामाणिक और प्रभावशाली बनाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में लोकोक्तियों से संबंधित प्रश्नों में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए प्रमुख कहावतों के अर्थ और वाक्य प्रयोग का नियमित अभ्यास करें। 

अनेकार्थी शब्द क्या हैं? परिभाषा, प्रकार और 100+ उदाहरण सूची | Anekarthi Shabd

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