भाग – III / PART – III
भाषा – II : संस्कृत / Language – II : SANSKRIT
प्रश्न 61. ‘प्रकाशः’ शब्द का विलोम शब्द चुनिए । (A) सरलम्
(B) अन्धकारः
(C) विस्तृतम्
(D) माध्यमम्
सही उत्तर: (B) अन्धकारः
व्याख्या: ‘प्रकाशः’ का अर्थ उजाला या आलोक होता है, जिसका सटीक विलोम ‘अन्धकारः’ (अँधेरा) है। सरलम् का विलोम कठिनम् या जटिलम् होता है, और विस्तृतम् का विलोम संक्षिप्तम् होता है।
प्रश्न 62. ‘चित्रकारः’ शब्द का तृतीया बहुवचन रूप क्या है ? (A) चित्रकारेषु
(B) चित्रकारैः
(C) चित्रकारस्य
(D) चित्रकारान्
सही उत्तर: (B) चित्रकारैः
व्याख्या: ‘चित्रकार’ अकारान्त पुल्लिंग शब्द है। इसके रूप ‘बालक’ शब्द की तरह चलते हैं। तृतीया विभक्ति के रूप क्रमशः ‘चित्रकारेण’ (एकवचन), ‘चित्रकाराभ्याम्’ (द्विवचन) और ‘चित्रकारैः’ (बहुवचन) होते हैं।
प्रश्न 63. ‘धारा धारा पतति’ वाक्य में कौन-सा अलंकार है ? (A) रूपकम्
(B) यमकम्
(C) अनुप्रासः
(D) उपमा
सही उत्तर: (B) यमकम्
व्याख्या: जहाँ एक ही शब्द की आवृत्ति बार-बार हो परन्तु उनके अर्थ भिन्न-भिन्न हों, वहाँ यमक अलंकार की छटा होती है। यहाँ ‘धारा धारा’ शब्द की आवृत्ति इसके विशेष प्रवाह को दर्शाती है।
प्रश्न 64. ‘वनम्’ शब्द का पर्यायवाची शब्द चुनिए । (A) काननम्
(B) पर्णम्
(C) शिला
(D) अग्निः
सही उत्तर: (A) काननम्
व्याख्या: ‘वनम्’ का पर्यायवाची ‘काननम्’ (जंगल/अरण्य) होता है। अन्य विकल्पों में ‘पर्णम्’ का अर्थ पत्ता, ‘शिला’ का अर्थ पत्थर या चट्टान तथा ‘अग्निः’ का अर्थ आग होता है।
प्रश्न 65. ‘उपविशति’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग कौन-सा है ? (A) प्र
(B) वि
(C) नि
(D) उप
सही उत्तर: (D) उप
व्याख्या: ‘उपविशति’ शब्द में ‘विश’ धातु (विशति) के पूर्व ‘उप’ उपसर्ग जुड़ा हुआ है। ‘उप’ + ‘विशति’ = उपविशति (बैठता है)।
प्रश्न 66. ‘पाककर्त्री भोजनं पच्यते’ वाक्य में कौन-सा वाच्य प्रयुक्त है ? (A) कर्तृवाच्यम्
(B) लोट्-वाच्यम्
(C) भाववाच्यम्
(D) कर्मवाच्यम्
सही उत्तर: (D) कर्मवाच्यम्
व्याख्या: इस वाक्य में क्रिया ‘पच्यते’ (आत्मनेपद + यक् प्रत्यय) कर्म के अनुसार प्रयुक्त है तथा कर्ता में तृतीया विभक्ति है, अतः यह ‘कर्मवाच्य’ का उदाहरण है।
प्रश्न 67. ‘वनात् आगतः’ के लिए कौन-सा समस्त पद उचित है ? (A) वनातागतः
(B) वनागतः
(C) वनागतं
(D) आगतवनः
सही उत्तर: (B) वनागतः
व्याख्या: ‘वनात् आगतः’ का समस्त पद ‘वनागतः’ होगा। यहाँ पञ्चमी तत्पुरुष समास है क्योंकि ‘वनात्’ (वन से) में पञ्चमी विभक्ति का लोप होकर विग्रह पद जुड़ता है।
प्रश्न 68. ‘पाठिका सभागारे लिखति’ वाक्य में ‘सभागारे’ किस कारक का उदाहरण है ? (A) कर्तृ
(B) करणम्
(C) कर्म
(D) अधिकरणम्
सही उत्तर: (D) अधिकरणम्
व्याख्या: ‘सभागारे’ में सप्तमी विभक्ति का प्रयोग हुआ है। क्रिया के आधार को अधिकरण कहते हैं (आधारोऽधिकरणम्)। चूँकि लिखने का आधार सभागार है, अतः यह अधिकरण कारक है।
प्रश्न 69. ‘आश्रमस्य उपमार्गः’ के लिए कौन-सा समस्त पद उचित है ? (A) आश्रमोपमार्गः
(B) आश्रमस्य उपमार्गम्
(C) आश्रमोपमार्गम्
(D) उपमार्गोद्यानम्
सही उत्तर: (A) आश्रमोपमार्गः
व्याख्या: ‘आश्रमस्य उपमार्गः’ का जब समस्त पद (समास) बनेगा, तो षष्ठी विभक्ति का लोप होगा और ‘आश्रम + उपमार्गः’ में गुण संधि (अ + उ = ओ) होकर ‘आश्रमोपमार्गः’ रूप सिद्ध होगा।
प्रश्न 70. ‘विन्यासः’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग कौन-सा है ? (A) नि
(B) उप
(C) वि
(D) प्र
सही उत्तर: (C) वि
व्याख्या: ‘विन्यासः’ शब्द में दो उपसर्ग हैं – ‘वि’ और ‘नि’। मूल संरचना ‘वि’ + ‘नि’ + ‘आसः’ है। विकल्पों में प्रथम उपसर्ग के रूप में ‘वि’ दिया गया है, अतः विकल्प (C) सही उत्तर है।
प्रश्न 71. ‘धेनुः’ शब्द का प्रथमा बहुवचन रूप क्या है ? (A) धेनून्
(B) धेनुषु
(C) धेनुभिः
(D) धेनवः
सही उत्तर: (D) धेनवः
व्याख्या: ‘धेनु’ उकारान्त स्त्रीलिंग शब्द है। इसके प्रथमा विभक्ति के रूप ‘धेनुः’ (एकवचन), ‘धेनू’ (द्विवचन) और ‘धेनवः’ (बहुवचन) होते हैं।
प्रश्न 72. ‘शीघ्रम्’ शब्द का विलोम शब्द चुनिए । (A) मन्दम्
(B) विस्तृतम्
(C) सरलम्
(D) माध्यमम्
सही उत्तर: (A) मन्दम्
व्याख्या: ‘शीघ्रम्’ का अर्थ होता है तेज या जल्दी, और इसका विलोम ‘मन्दम्’ होता है जिसका अर्थ होता है धीमा या सुस्त।
[ प्र. सं. 73 से 75 गद्यांश प्रश्न ] : विद्यालये विज्ञानप्रदर्शनी आयोजिता आसीत् । छात्राः स्वनिर्मितानि उपकरणानि प्रदर्शयन्ति स्म । केचन जलरक्षणस्य उपायान् दर्शयन्ति स्म, अन्ये ऊर्जासंरक्षणस्य महत्त्वं व्याख्यायन्ति स्म । दर्शकाः छात्राणां परिश्रमं दृष्ट्वा प्रशंसां अकुर्वन् । प्रश्न 73. छात्राः कानि प्रदर्शयन्ति स्म ? (A) स्वनिर्मितानि उपकरणानि
(B) पुष्पाणि
(C) वस्त्राणि
(D) फलानि
सही उत्तर: (A) स्वनिर्मितानि उपकरणानि
व्याख्या: गद्यांश की दूसरी पंक्ति में स्पष्ट लिखा है – “छात्राः स्वनिर्मितानि उपकरणानि प्रदर्शयन्ति स्म”। अर्थात् छात्र स्वयं के द्वारा बनाए गए उपकरणों का प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रश्न 74. विद्यालये का आयोजिता आसीत् ? (A) क्रीडास्पर्धा
(B) वादविवादस्पर्धा
(C) गीतसभा
(D) विज्ञानप्रदर्शनी
सही उत्तर: (D) विज्ञानप्रदर्शनी
व्याख्या: गद्यांश की प्रथम पंक्ति के अनुसार – “विद्यालये विज्ञानप्रदर्शनी आयोजिता आसीत्”। अतः विद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।
प्रश्न 75. केचन छात्राः कस्य उपायान् दर्शयन्ति स्म ? (A) भोजनस्य
(B) भ्रमणस्य
(C) जलरक्षणस्य
(D) निद्रायाः
सही उत्तर: (C) जलरक्षणस्य
व्याख्या: गद्यांश की तीसरी पंक्ति के अनुसार – “केचन जलरक्षणस्य उपायान् दर्शयन्ति स्म”। अर्थात् कुछ छात्र जल संरक्षण के उपायों को दिखा रहे थे।
प्रश्न 76. ‘पत्राणि शाखात् पतन्ति’ वाक्य में ‘शाखात्’ किस कारक का उदाहरण है ? (A) कर्म
(B) करणम्
(C) अपादानम्
(D) कर्तू
सही उत्तर: (C) अपादानम्
व्याख्या: जहाँ से कोई वस्तु अलग होती है, उसमें अपादान कारक (पञ्चमी विभक्ति) होती है (ध्रुवमपायेऽपादानम्)। यहाँ पत्ते शाखा से अलग हो रहे हैं, इसलिए ‘शाखात्’ में अपादान कारक है।
प्रश्न 77. ‘क्रीडकः धाव्यते’ वाक्य में कौन-सा वाच्य प्रयुक्त है ? (A) कर्मवाच्यम्
(B) भाववाच्यम्
(C) लोट्-वाच्यम्
(D) कर्तृवाच्यम्
सही उत्तर: (B) भाववाच्यम्
व्याख्या: ‘धाव्’ (दौड़ना) एक अकर्मक धातु है। अकर्मक धातु होने के कारण यहाँ कर्म अनुपस्थित है और क्रिया भाव के अनुसार ‘धाव्यते’ रूप में प्रयुक्त है, इसलिए यह भाववाच्य है।
प्रश्न 78. ‘हस्तः’ शब्द का पर्यायवाची शब्द चुनिए । (A) अग्निः
(B) पर्णम्
(C) शिला
(D) करः
सही उत्तर: (D) करः
व्याख्या: ‘हस्तः’ का अर्थ ‘हाथ’ होता है, जिसका पर्यायवाची ‘करः’ या ‘पाणिः’ होता है।
प्रश्न 79. ‘अत्र बालकः पुस्तकं पठति’ वाक्य में अव्यय पद कौन-सा है ? (A) पुस्तकं
(B) पठति
(C) अत्र
(D) बालकः
सही उत्तर: (C) अत्र
व्याख्या: अव्यय वे शब्द होते हैं जिनके रूप में लिंग, वचन या कारक के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता। इस वाक्य में ‘अत्र’ (यहाँ) एक अव्यय पद है।
प्रश्न 80. ‘स्पष्टम्’ शब्द का विलोम शब्द चुनिए । (A) माध्यमम्
(B) विस्तृतम्
(C) सरलम्
(D) अस्पष्टम्
सही उत्तर: (D) अस्पष्टम्
व्याख्या: ‘स्पष्टम्’ (साफ़/क्लियर) का विलोम शब्द ‘अस्पष्टम्’ (जो साफ़ न हो) होता है।
प्रश्न 81. ‘मिल्’ धातु में ‘क्त्वा’ प्रत्यय लगने पर कौन-सा रूप उचित है ? (A) मिलित्वा
(B) मिलति
(C) मिलितः
(D) मिलितुम्
सही उत्तर: (A) मिलित्वा
व्याख्या: ‘मिल्’ धातु में ‘क्त्वा’ (त्वा) प्रत्यय लगाने पर ‘इट्’ का आगम होकर ‘मिलित्वा’ रूप बनता है, जिसका अर्थ होता है ‘मिलकर’।
प्रश्न 82. ‘पश्यति’ रूप किस लकार से सम्बद्ध है ? (A) लृट्
(B) लोट्
(C) लट्
(D) लङ्
सही उत्तर: (C) लट्
व्याख्या: ‘दृश्’ (देखना) धातु का लट् लकार (वर्तमान काल) में रूप ‘पश्यति, pश्यतः, pश्यन्ति’ चलता है। अतः यह लट् लकार का रूप है।
प्रश्न 83. ‘कूर्चिका’ शब्द किस वचन का रूप है ? (A) बहुवचनम्
(B) अव्ययम्
(C) द्विवचनम्
(D) एकवचनम्
सही उत्तर: (D) एकवचनम्
व्याख्या: ‘कूर्चिका’ (ब्रश/कूची) आकारान्त स्त्रीलिंग शब्द है (जैसे लता या बालिका)। प्रथमा विभक्ति एकवचन में इसका रूप ‘कूर्चिका’ ही रहता है।
प्रश्न 84. ‘तत् + जनः’ में व्यञ्जन-सन्धि के अनुसार कौन-सा रूप उचित है ? (A) तत्जनः
(B) तजनः
(C) तज्जनः
(D) तज्जन:
सही उत्तर: (C) तज्जनः
व्याख्या: यहाँ श्चुत्व संधि का नियम लागू होता है (स्तोः श्चुना श्चुः)। त् वर्ग के बाद ‘ज्’ (च् वर्ग का वर्ण) आने पर ‘त्’ भी ‘ज्’ में बदल जाता है। अतः ‘तत् + जनः’ = ‘तज्जनः’ बनता है।
प्रश्न 85. ‘सदा सत्यं वद बालक’ वाक्य में अव्यय पद कौन-सा है ? (A) सदा
(B) वद
(C) सत्यं
(D) बालक
सही उत्तर: (A) सदा
व्याख्या: इस वाक्य में ‘सदा’ (हमेशा) एक अव्यय पद है क्योंकि इसका रूप कभी नहीं बदलता। ‘वद’ क्रिया है, और ‘बालक’ सम्बोधन पद है।
प्रश्न 86. ‘एतानि’ रूप का लिंग और वचन बताइए । (A) स्त्रीलिङ्गम् बहुवचनम्
(B) नपुंसकलिङ्गम् बहुवचनम्
(C) नपुंसकलिङ्गम् एकवचनम्
(D) पुल्लिङ्गम् बहुवचनम्
सही उत्तर: (B) नपुंसकलिङ्गम् बहुवचनम्
व्याख्या: ‘एतत्’ (यह) सर्वनाम का नपुंसकलिंग में रूप ‘एतत्, एते, एतानि’ चलता है। इसलिए ‘एतानि’ नपुंसकलिंग प्रथमा/द्वितीया विभक्ति का बहुवचन रूप है।
प्रश्न 87. ‘स्वच्छं रसम्’ पद में विशेषण पद कौन-सा है ? (A) स्वच्छः
(B) स्वच्छं
(C) रसे
(D) रसम्
सही उत्तर: (B) स्वच्छं
व्याख्या: जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे विशेषण कहते हैं। यहाँ ‘रसम्’ (विशेष्य) की विशेषता ‘स्वच्छं’ (साफ़) शब्द से प्रकट हो रही है।
प्रश्न 88. ‘यच्छति’ रूप किस लकार से सम्बद्ध है ? (A) लृट्
(B) लोट्
(C) लट्
(D) लङ्
सही उत्तर: (C) लट्
व्याख्या: ‘दा’ (देना) धातु का जब ‘यच्छ’ आदेश होता है, तब लट् लकार (वर्तमान काल) में इसका रूप ‘यच्छति, यच्छतः, यच्छन्ति’ बनता है।
प्रश्न 89. ‘राजमार्गः + दीर्घः’ में विसर्ग-सन्धि के अनुसार कौन-सा रूप उचित है ? (A) राजमार्गदीर्घः
(B) राजमार्गोदीर्घः
(C) राजमार्गों दीर्घः
(D) राजमार्क: दीर्घ:
सही उत्तर: (B) राजमार्गोदीर्घः
व्याख्या: यहाँ विसर्ग संधि का उत्त्व नियम लागू होता है (हशि च)। विसर्ग से पहले ‘अ’ हो और बाद में वर्गों का तृतीय/चतुर्थ/पंचम वर्ण या य, र, ल, व, h हो, तो विसर्ग का ‘ओ’ हो जाता है। अतः ‘राजमार्गोदीर्घः’ सिद्ध होता है।
प्रश्न 90. ‘प्र + विश्’ धातु में ‘ल्यप्’ प्रत्यय लगने पर कौन-सा रूप उचित है ? (A) प्रविष्यम्
(B) प्रविश्य
(C) प्रवेष्टुम्
(D) प्रविश्य:
सही उत्तर: (B) प्रविश्य
व्याख्या: जब धातु से पूर्व कोई उपसर्ग (यहाँ ‘प्र’) जुड़ा हो, तो ‘क्त्वा’ प्रत्यय के स्थान पर ‘ल्यप्’ प्रत्यय का प्रयोग होता है। ‘प्र’ + ‘विश्’ + ‘ल्यप्’ = ‘प्रविश्य’ (प्रवेश करके) रूप बनता है।