Home > भूगोल > विश्व भूगोल
अंतरिक्ष विज्ञान | Astronomy
- अन्तरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति ⇒ राकेश शर्मा
अंतरिक्ष विज्ञान की परिभाषा
- भूगोल की वह शाखा जिसमे ग्रह, नक्षत्र, तारामंडल, ब्रह्माण्ड तथा आकाशीय घटनाओं का अध्ययन किया जाता है अन्तरिक्ष विज्ञान कहलाता है
Big-Bang Theory (महा विस्फोट सिद्धान्त )
- महा विस्फोट सिद्धान्त से ब्राह्मण की उत्पप्ति का पता चलता है
- महा विस्फोट सिद्धान्त का प्रतिपादन जार्ज लेमेंतेयर ने किया
निहारिका(Nebula)
- यह आकाशीय पिण्ड अत्यधिक चमकदार होता है
- गैसों का एक विस्तृत बादल होता है, जिसे निहारिका कहा जाता है
तारा (Star)
- वह पिण्ड जिसकी अपनी ऊष्मा और अपनी प्रकाश हो तारा कहलाता है
- तारा के अन्दर नाभिकीय संलयन की प्रक्रिया पायी जाती है
- तारें का रंग पृष्ठ ताप पर निर्भर करता है
- सूर्य एक तारा है
- पृथ्वी से दिखाई देने वाला सबसे अधिक चमकीला तारा साइरस(Dog Star)
लाल दानव (Red Giant Stars)
- जब तारें में हाइड्रोजन की मात्रा कम होता है, तो आकर बड़ा होने लगता है और लाल रंग का दिखाई देता, तो इसे लाल दानव कहा जाता है
- भारतीय वैज्ञानिक एस चन्द्रशेखरन के अनुसार लाल यदि दानव तारें का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का 1.44 गुना है या इससे कम है, तो श्वेत वामन तारें का निर्माण होता है
- यदि लाल दानव तारें का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से 1.44 गुना से अधिक है, तो अभिनव तारें का निर्माण होता है
- चंद्रशेखर सीमा = सूर्य का द्रव्यमान *1.44
श्वेत वामन (White Dwarf Stars)
- तारें की रोशनी बहुत कम हो जाती है और चंद्रशेखर सीमा के निकट पहुच जाती है, तो इसे श्वेत वामन तारें कहते है
- इसे जीवाश्म तारा भी कहते है
काला वामन (Black Dwarf Stars)
- तारें की रोशनी खत्म हो जाती तो काला वामन कहते है
अभिनव तारा (Super Nova Stars)
- जब लाल दानव तारें में विस्फोट होता है और इसकी चमक 20 गुना से अधिक बढ़ जाती है, तो वह अभिनव तारा बनता है
- इसे विस्फोटक तारा भी कहते है
- जब अभिनव तारें में विस्फोट होता है, तो निम्न तारों का निर्माण होता है
- न्युट्रान तारा
- पल्सर
- क्वैसर
न्युट्रान तारा (Neutron Stars)
- जब न्युट्रान में संकुचन होने लगता है तो ब्लैक होल का निर्माण होता है
ब्लैक होल (Black Hole)
- जब न्युट्रान तारें में द्रव्यमान एक ही बिदु पर संकुचित होने लगता है, तो ब्लैक होल तारें का निर्माण होता है
- ब्लैक होल का घनत्व बहुत अधिक होता है
- ब्लैक होल प्रकाश को भी अपने गुरुत्व क्षेत्र के बाहर नही जाने देता
- एस.चंद्रशेखर ने ब्लैक होल सिद्धान्त का प्रतिपादन किया
ध्रुव तारा
- यह उत्तर दिशा में दिखयी देता है
- इसे दिशा सूचक तारा भी कहते है
आकाश गंगा(Galaxy)
- तारों के असंख्य समूह को आकाश गंगा कहते है
- आकाश गंगा का आकार सर्पिलाकार(Spiral) होता है
- वह आकाश गंगा जिसमे पृथ्वी अवस्थित है उसे मन्दाकिनी (Milky way )या दग्ध मेखला कहते है
- तीन आकाश गंगा के समूह को सुपर क्लस्टर कहते है
तारामण्डल (Galaxies)
- तारों के समूह को तारामण्डल कहते है
- तारामण्डल सूर्य से अधिक दूरी पर होते है
- अन्तरिक्ष में तारामंडलो की संख्या लगभग 88 है
- हंटर तारामंडल
- सप्तऋषि तारामण्डल
- उर्सा मेजर (Ursa Major)
- मृग (Orion)
- सिग्न्स (Cygnus)
- हाइड्रा (Hydra)
नक्षत्र
- निश्चित आकृति में व्यवस्थित तारों के समूह को नक्षत्र कहा जाता है
- नक्षत्र सूर्य के करीब होते है
- 27 नक्षत्र है
सप्तऋषि
- सात तारों के समूह को सप्तऋषि कहते है
- सप्तऋषि की संख्या दो होती है
- वृहद सप्तऋषि
- लघु सप्तऋषि
पुच्छल तारा
- हेली पुच्छल तारा 76 वर्ष बाद दिखाई देता है
ब्रह्माण्ड वर्ष (Cosmic Year)
- ब्रह्माण्ड वर्ष = सूर्य को अपनी आकाश गंगा का एक चक्कर पूरा करने में लगा समय
- सूर्य को आकाश गंगा का परिक्रमा करने में 22 से 25 करोड़ वर्ष लगता है
प्रकाश वर्ष
- प्रकाश द्वारा एक वर्ष में चली गयी दुरी को प्रकाश वर्ष कहते है
- प्रकाश वर्ष का प्रयोग खगोलीय दूरी मापने के लिए किया जाता है
- 1 प्रकाश वर्ष = 9.461*1015 मीटर
- 1 प्रकाश वर्ष = 9.4607*1012 किलोमीटर
- प्रकाश की गति 300000 कि.मी./ सेकंड
पारसेक
- पारसेक का प्रयोग खगोलीय दूरी मापने के लिए किया जाता है
- 1 पारसेक = 3.26 प्रकाश वर्ष
