आधुनिक भारतीय इतिहास – UPSC, SSC, राज्य PSC के लिए पूरा पाठ्यक्रम | 1857 से 1947 तक  

आधुनिक भारतीय इतिहास पाठ्यक्रम: प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

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आधुनिक इतिहास पाठ्यक्रम की प्रमुख इकाइयाँ

आधुनिक भारतीय इतिहास: साम्राज्यवाद से स्वतंत्रता तक की संघर्षगाथा

  • आधुनिक भारतीय इतिहास भारतीय जनता के संघर्ष, पुनर्जागरण और अंततः स्वतंत्रता प्राप्ति की कहानी है।
  • यह कालखंड मोटे तौर पर 18वीं शताब्दी के मध्य (1757 ई.) से लेकर 1947 ई. में स्वतंत्रता प्राप्ति तक माना जाता है।
  • इस दौरान भारत ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का अनुभव किया, उसके खिलाफ संगठित होकर संघर्ष किया और अंततः एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा।
  • यह युग सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों, राष्ट्रवाद के उदय और जन-आंदोलनों का युग था।

आधुनिक इतिहास के प्रमुख चरण और घटनाक्रम

1. यूरोपीय शक्तियों का आगमन और ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना
  • व्यापारिक कंपनियों का आगमन: पुर्तगाली (वास्को डी गामा, 1498), डच, फ्रांसीसी, ब्रिटिश।

  • बंगाल पर अधिकार: प्लासी का युद्ध (1757) में रॉबर्ट क्लाइव ने सिराजुद्दौला को हराया। बक्सर का युद्ध (1764) ने ब्रिटिश प्रभुत्व को दृढ़ किया।

  • शासन का विस्तार: सहायक संधि (लॉर्ड वेलेजली), व्यपगत का सिद्धांत (लॉर्ड डलहौजी) के माध्यम से देशी राज्यों का विलय।

2. 1857 का विद्रोह: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
  • तात्कालिक कारण: चर्बी वाले कारतूस का मामला।

  • प्रमुख नेता: मंगल पांडे, बहादुर शाह जफर, रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहब, तात्या टोपे, बेगम हजरत महल।

  • परिणाम: ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त, भारत सीधे ब्रिटिश ताज के अधीन (1858 की महारानी घोषणा)।

3. सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
  • ब्रह्म समाज: राजा राममोहन राय (सती प्रथा उन्मूलन, 1829)।

  • आर्य समाज: स्वामी दयानंद सरस्वती (‘वेदों की ओर लौटो’)।

  • रामकृष्ण मिशन: स्वामी विवेकानंद (1893 शिकागो धर्म संसद)।

  • थियोसोफिकल सोसाइटी: एनी बेसेंट।

  • अन्य: प्रार्थना समाज, अलीगढ़ आंदोलन (सर सैयद अहमद खान), सिंह सभा आंदोलन।

4. राष्ट्रीय आंदोलन का विकास
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885): ए.ओ. ह्यूम द्वारा बम्बई में।

  • प्रारंभिक दौर (उदारवादी/नरम दल): दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, सुरेंद्रनाथ बनर्जी। मांगें: संवैधानिक सुधार, प्रतिनिधित्व।

  • उग्रवादी दल (1905-1918): बाल गंगाधर तिलक (‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’), लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल (लाल.

5. गाँधी युग और जन-आंदोलन
  • चंपारण सत्याग्रह (1917): गाँधीजी का पहला बड़ा सत्याग्रह।

  • खिलाफत एवं असहयोग आंदोलन (1920-22): खिलाफत आंदोलन के साथ एकजुटता। चौरी-चौरा कांड के बाद वापसी।

  • सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34): दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह, 1930)। गाँधी-इरविन समझ (1931)।

  • भारत छोड़ो आंदोलन (1942): ‘करो या मरो’ का नारा। पूर्ण स्वराज की माँग।

6. स्वतंत्रता की ओर अंतिम चरण
  • कैबिनेट मिशन योजना (1946): असफल।

  • माउंटबेटन योजना (1947): भारत के विभाजन और स्वतंत्रता का प्रस्ताव।

  • भारत की स्वतंत्रता: 15 अगस्त, 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ। विभाजन के कारण पाकिस्तान का निर्माण हुआ।


प्रमुख संगठन और नेता

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आजाद।

  • मुस्लिम लीग: मुहम्मद अली जिन्ना (पाकिस्तान की माँग – 1940 का लाहौर प्रस्ताव)।

  • क्रांतिकारी आंदोलन: भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु।

  • सुभाष चंद्र बोस: आजाद हिंद फौज (‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’)।


प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Previous Year Questions Based)

1. प्रश्न: ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ – यह किसने कहा?
उत्तर: यह कथन बाल गंगाधर तिलक ने कहा।

2. प्रश्न: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष डब्ल्यू.सी. बनर्जी थे।

3. प्रश्न: 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?
उत्तर: 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण चर्बी वाले कारतूस का मामला था।

4. प्रश्न: ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा कब और कहाँ की गई थी?
उत्तर: ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा 26 जनवरी, 1930 को लाहौर अधिवेशन में की गई थी। इसी दिन को बाद में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

5. प्रश्न: असहयोग आंदोलन कब शुरू हुआ और क्यों वापस लिया गया?
उत्तर: असहयोग आंदोलन 1920 में शुरू हुआ। 1922 में चौरी-चौरा कांड (हिंसक घटना) के बाद गांधीजी ने इसे वापस ले लिया।

6. प्रश्न: साइमन कमीशन का भारत में बहिष्कार क्यों किया गया?
उत्तर: साइमन कमीशन का भारत में बहिष्कार इसलिए किया गया क्योंकि इसके सभी सदस्य अंग्रेज थे और इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था।

7. प्रश्न: ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत कब हुई और इसका नारा क्या था?
उत्तर: भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त, 1942 को शुरू हुआ। इसका नारा था ‘करो या मरो’

8. प्रश्न: ‘जय हिंद’ का नारा किसने दिया?
उत्तर: ‘जय हिंद’ का नारा सुभाष चंद्र बोस ने दिया।


निष्कर्ष

  • आधुनिक भारतीय इतिहास एक जागृति और संघर्ष का इतिहास है।
  • इस काल ने भारत को एक राष्ट्र के रूप में गढ़ा, जहाँ लाखों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया।
  • राजनीतिक संघर्ष के साथ-साथ सामाजिक सुधारों ने एक नए, आधुनिक भारत की नींव रखी।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस काल की घटनाओं का कालक्रम, प्रमुख व्यक्तित्व, आंदोलनों के कारण व परिणाम और संवैधानिक विकास का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • यह इतिहास न केवल अतीत का दस्तावेज है बल्कि भविष्य के भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
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