संस्कृत व्याकरण

Home

माहेश्वर सूत्र

संस्कृत भाषा और व्याकरण का परिचय

संस्कृत से संबंधित मुख्य बिंदु जो आपके नोट्स में हैं:

  • मूल स्रोत: संस्कृत का मूल स्रोत ऋग्वेद माना जाता है। इसे ‘देव भाषा’ भी कहा जाता है।
  • महेश्वर सूत्र: पाणिनी ने ‘अष्टाध्यायी’ लिखी जिसमें 14 महेश्वर सूत्र हैं। इन्हीं सूत्रों से संस्कृत व्याकरण का आधार बना है।

भाषा की इकाइयाँ:

  • ध्वनि के दो प्रकार: स्वर और व्यंजन
  • वर्ण: ध्वनि का अखण्डित रूप वर्ण कहलाता है।

स्वरों का वर्गीकरण

  • कुल स्वर: सामान्यतः 13 स्वर माने गए हैं (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ॠ, लृ, ए, ऐ, ओ, औ)।

  • अच् प्रत्याहार: महेश्वर सूत्र के अनुसार 9 वर्ण स्वर हैं।

  • उच्चारण काल के आधार पर:

    1. ह्रस्व स्वर: 1 मात्रा (अ, इ, उ, ऋ, लृ)

    2. दीर्घ स्वर: 2 मात्रा

    3. प्लुत स्वर: 3 मात्रा (जैसे- ओ३म्)


वैदिक भाषा

वैदिक भाषा के चार अंग है।

  1. वेद
  2. ब्राह्मण
  3. आरण्यक
  4. उपनिषद

वेदांग

6 वेदांग होते है।

  1. शिक्षा
  2. कल्प
  3. व्याकरण
  4. निरुक्त
  5. छंद
  6. ज्योतिष

error: Content is protected !!