बहुव्रीहि समास

बहुव्रीहि समास

Home page | Telegram | Facebook Page बहुब्रीहि समास जिस समस्त पद के दोनों पदों में से कोई भी पद प्रधान न हो, अपितु कोई तीसरा ही पद प्रधान हो अर्थात समस्त पद कोई अन्य ही अर्थ प्रकट करता हो वहाँ बहुब्रीहि समास होता है। जैसे :- दशानन ⇒ दश आनन वाला अर्थात रावण बहुब्रीहि समास के उदाहरण समस्त … Read more

कर्मधारय समास | Karmdharya Samas

कर्मधारय

Home | हिन्दी व्याकरण कर्मधारय समास की परिभाषा इस समास में प्रथम पद(पूर्व पद ) गौड़ और दूसरा पद (उत्तर पद)  प्रधान होता है जिस समास में उपमेय-उपमान का सम्बन्ध हो तो वह कर्मधारय समास होता है जिस समास में विशेषण-विशेष्य का सम्बन्ध हो तो वह कर्मधारय समास होता है कर्मधारय समास का विग्रह करने पर … Read more

द्विगु समास

द्विगु समास

Home page | Telegram | Facebook Page द्विगु समास जिस समस्त पद का पूर्वपद संख्यावाची हो, वहाँ द्विगु समास होता है। द्विगु समास के उदाहरण समस्त पद   समास विग्रह द्विगु – दो गायों का समूह दोपहर – दो पहरों का समाहार दुगुना – दो बार गुणा   तिरंगा –  तीन रंगो का समाहार त्रिभुवन -तीन भुवनों का समूह त्रिभुज … Read more

द्वन्द समास

द्वंद्व समास

Home page | Telegram | Facebook Page द्वन्द समास की परिभाषा इस समास में दोनों(उत्तर तथा पूर्व )पद प्रधान होते हैं लेकिन दोनों के बीच और शब्द का लोप होता है। द्वन्द समास का विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच समुच्चय बोधक संयोजक (और तथा एवं ) विकल्प बोधक संयोजक (या अथवा ) प्राप्त होता है जिस समास … Read more

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