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गुर्जर प्रतिहार वंश: परिचय
- गुर्जर प्रतिहार वंश (730-1036 ई.) ने उत्तर भारत पर 300 वर्षों तक शासन किया।
- इन्हें “भारत के ग्रेट वॉल” कहा जाता है क्योंकि इन्होंने अरब आक्रमणकारियों को सिंध से आगे नहीं बढ़ने दिया।
- राजधानी कन्नौज (उत्तर प्रदेश) से संचालित यह साम्राज्य पाल व राष्ट्रकूटों के साथ त्रिशक्ति संघर्ष में शामिल था।
| शासक | शासनकाल | प्रमुख योगदान |
|---|---|---|
| नागभट्ट प्रथम | 730-760 ई. | अरबों को पराजित कर सिंध सुरक्षित की |
| वत्सराज | 780-800 ई. | कन्नौज पर अधिकार, पाल शासक धर्मपाल को पराजित किया |
| मिहिरभोज | 836-885 ई. | साम्राज्य का स्वर्ण युग आदिवराह उपाधि, अरब यात्री अल-मसूदी ने “राजा बौरा” कहा |
| महेंद्रपाल | 885-910 ई. | विद्वान संरक्षक, कश्मीरी कवि राजशेखर को प्रोत्साहन |
सैन्य शक्ति एवं प्रशासन
सैन्य संगठन:
- “गजाश्वनर” (हाथी-घुड़सवार सेना) – 4 लाख पैदल सैनिक
- किलेबंदी: ग्वालियर, कन्नौज व ओसियां के दुर्ग
प्रशासनिक व्यवस्था:
- केंद्र → भुक्ति (प्रांत) → विषयपति (जिला) → ग्राम
- मंत्रिपरिषद: महासामंत, महाप्रतिहार, महाक्षपटलिक
सांस्कृतिक योगदान
धर्म एवं स्थापत्य:
- शैव मत संरक्षण: ओसियां (राजस्थान) के हिंदू-जैन मंदिर
- वास्तुकला: तेली का मंदिर (ग्वालियर), बड़वा मंदिर (मध्य प्रदेश)
साहित्य:
- राजशेखर: कर्पूरमंजरी काव्यमीमांसा (संस्कृत नाटक)
- अभिलेख: ग्वालियर प्रशस्ति (मिहिरभोज), ओसियां शिलालेख
पतन के कारण
- त्रिशक्ति संघर्ष: पाल (बंगाल) व राष्ट्रकूटों (दक्कन) से निरंतर युद्ध
- गजनी के महमूद का आक्रमण (11वीं शताब्दी)
- स्थानीय सामंतों का विद्रोह (चंदेल, परमार)
- अंतिम शासक: यशपाल (1019 ई. तक)
| विषय | तथ्य |
|---|---|
| स्थापना | नागभट्ट प्रथम (730 ई.) |
| शिखर शासक | मिहिरभोज (836-885 ई.) |
| यात्री विवरण | अल-मसूदी (अरब), सुलेमान (फारस) |
| मुद्रा प्रणाली | गद्याणक (सोने के सिक्के), धेली (ताँबे के सिक्के)| |
| विशेष उपलब्धि | अरब आक्रमणों को 300 वर्षों तक रोका| |
ऐतिहासिक महत्व
गुर्जर प्रतिहारों ने:
- सांस्कृतिक एकता: उत्तर भारत में हिंदू धर्म को बचाया
- आर्थिक समृद्धि: कृषि व व्यापार को बढ़ावा दिया
- विरासत: “भारत के प्रहरी” की उपाधि (इतिहासकार आर.सी. मजूमदार द्वारा)
- अल-मसूदी का वर्णन (956 ई.):
- “प्रतिहार राजा के पास रूम (बाइजेंटाइन) साम्राज्य से भी बड़ी सेना है।”
FAQ:
Q: प्रतिहारों की राजधानी क्या थी?
Ans: कन्नौज
Q: प्रतिहारों का सबसे शक्तिशाली शासक कौन था?
Ans: मिहिरभोज
